प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ३

२ जुलाई २०१२ एक समय छलैक जहिया सौराठ सभागाछी सऽ विवाह करब अपना आप में बहुत पैघ उपलब्धि होइत छलैक। जेना आइ हम सभ कोनो...

सहरसा मे होयत ‘राजकमल स्मृति उत्सव’

सुभाषचंद्र झा, सहरसा। जुन ७, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! सहरसा जिलाक महिषी गाम सँ उदित तारा मैथिली तथा हिन्दीक मुर्धन्य साहित्यकार - अपन रचना मे क्रान्तिकारी प्रयोग...

जुड़य अपना त आदर करय आन – ओकर कहानी जे संघर्ष कय धियापुता केँ...

लघुकथा - रूबी झा बिलो रिक्सा चालक छलाह। दिन-राति मेहनत क अपन परिवार केर लालन-पालन करैत छलाह। ओ पाँच-प्राणी छलाह - अपने, कनियाँ आ हुनक दुटा...

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुर – प्रवीण केर कार्यपत्र

प्रदेश १ मे मैथिलीक गतिविधि अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुर मे प्रस्तुत कार्यपत्र  - प्रवीण नारायण चौधरी, भाषा-संस्कृति अभियन्ता एवं संपादक, मैथिली जिन्दाबाद आनलाइन न्युज पोर्टल, विराटनगर,...

हम तऽ बिक गेलियै दहेज मे

हम तऽ बिक गेलियै दहेज मे (मैथिली कविता) - विजय मंडल भेल जन्म रहे हमर जमिन्दारक घरमे खुबे लाड़-प्यारसँ पोसलक पैसाके माहौलमे पढेलक बढेलक बड़का आदमी बनेलक  गर्ब...

प्रत्येक नारीक जीवन मे तीन चरण – जे बुझत से जियत जीवन

लेख-विचार - ममता झा "नारी अहाँक रूप अनेक" - हम पुछलहुँ लोक सब सँ जे नारीक कतेक रूप अइ... कियो माँ कहलक, कियो बहिन कहलक, कियो...

मैथिल कविक दूरदृष्टि – त कि सच्चे अकालक लक्षण स्पष्ट भऽ रहल अछि मिथिला...

मैथिली कविता - मणिकान्त झा अकालक लक्षण अकालक लक्षण लागि रहल अछि काग बजैए जोर सँ वर्षा बिनु जन-जन थिक कलुशित कानय सब क्यो नोर सँ। पीबा धरि लेल जल नहि...

रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने

- सियाराम झा सरस   कालकेर कागत ससरबा सँ पहिने गीत कते लीखब जरूरी अछि भाइ रे! रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने आतुरता होइछ जेना पाँतर टपाइ रे!   कत'-कहाँ नान्हिटा-टा...

“वटसावित्री व्रत कथा”

आभा झा।                            # वटसावित्री # मिथिलांचल में वटसावित्री पूजा के विशेष महत्व...

श्रीचन्द्रमणिरचित श्रीसीता-शतक

श्रीसीता-शतक 1. कर वीणा पद्मासना सकल ज्ञान आगार सरस्वती शुभदायिनी करिअ नमन स्वीकार।।1।। जय गणेश गिरिजा-तनय काव्य-कला-गुण धाम सकल सिद्धिदाता प्रभु कोटि-कोटि परनाम।।2।। शशि शोभित जनि भाल पर सिर पर...