अपन विशेष कला आ विद्या सँ दोसरहु केँ प्रशिक्षित करबाक अनुपम प्रयास

१७ पुष २०२६, बिहीबार ००:००
0
मिथिलाक जानकीस्वरूपा बेटी मंजूषा बहिन जेकाँ आगू आबथि – एक अपील
 
दहेज मुक्त मिथिला समूह पर सक्रिय दाय-माय केँ स्वरोजगार सँ सम्पन्न करबाक पुनीत उद्देश्य सँ ‘सिलाई-कढाई’ सिखेबाक लेल सामाजिक अभियन्ता मंजूषा झा आगू एलीह अछि। हुनकर कहब छन्हि जे अपनहि टा लेल आयार्जन करब त जनसामान्यक गुण भेल, यदि अपन कला सँ दोसर केँ जीविकोपार्जन करबाक अवसर प्रदान करब त ई विशेष गुण आ समाज केर हित व जनकल्याण लेल विशिष्ट योगदान के रूप मे गानल जायत। अपन एहि उच्चभाव सँ समूह संचालिका वन्दना चौधरी केँ जानकारी करबैत ओ अपना पास रहल उपयोगी ज्ञान ‘सिलाई-कढाई करबाक कला’ समूहक अन्य सदस्य जिनका सिखबाक रुचि होइन तिनका सिखेबाक प्रस्ताव पठेलीह। खुशीक खबरि ई अछि जे हाल धरि दर्जनों सदस्य लोकनि हुनका संग जुड़िकय ‘जूम प्रविधि’ मार्फत प्रशिक्षित होयब आरम्भ कय देलीह अछि।
ध्यातब्य हो जे मिथिलाक माटि सँ स्वयं पराम्बा जानकी अवतरित भऽ एहि धराधाम मे विशेष गुण दय गेल छथि। एहि ठाम आइ धरि जे कोनो बेटी जन्म लेलीह अछि हुनका सब मे जानकीक थोड़-बहुत गुण अवश्य टा भेटैत अछि। एहि सार्थक आ सकारात्मक बौद्धिकताक उपयोग स्वयं लेल आ जँ फाजिल अछि त समाजहु लेल बाँटिकय अपन मानव जीवन केँ सफल बनेबाक उच्चभावक कार्य कयल जा सकैत छैक। मंजूषा जीक योगदान सँ बहुत पैघ परोपकार भऽ रहल अछि। काल्हि (हमर आदरणीया भाभीश्री) श्रीमती नीलम झा सेहो अपना पास रहल सीप (जीवनोपयोगी कला) चित्रकारिताक प्रशिक्षण दय वास्ते स्वयं केँ आगू अनलीह अछि। किछुए समय मे एहि तरहक आपसी कला व सीप केर प्रशिक्षण एतय बेस बढि जेबाक संभावना अछि। हम सब केँ नमन कय रहल छी।
 
सिर्फ बेटी वर्ग टा नहि, अपितु बेटा वर्ग मे सेहो कतेको रास सार्थक कला व सीप अछि। कियो चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट छी, किनको एकाउन्टेन्सी सिखा सकैत छी, सिखनिहार कतहु रहता आ ५ टा पार्टीक जीएसटी एसेसमेन्ट आदिक कार्य कय लेता र नीक रोजी-रोटी भेट जेतनि। कियो शिक्षक, कियो मार्केटिंग मैनेजर, कियो कमोडिटी मार्केटिंग, एजेन्सी आदि चलबैत छी। जिनका मे जे कला आ विद्या दोसर सँ बाँटय योग्य अछि से जरूर दोसर केँ दियौन। एहि सँ अपन कला-विद्या घटत नहि, दोसरहु के हित होयत, जीवन सफल बनत। हमर शुभकामना!!
 
हरिः हरः!!